कोलकाता: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में शनिवार को एक बड़ी आग की घटना सामने आई, जिसने करीब 16 बीघा में फैली एक झुग्गी बस्ती को अपनी चपेट में ले लिया। यह आग संतोषपुर रेलवे स्टेशन के पास स्थित महेशतला इलाके में रेलवे ट्रैक के नजदीक लगी। घटना के दौरान आसमान में काले धुएं का घना गुबार छा गया। जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और एहतियात के तौर पर सियालदह–बज बज रेल मार्ग पर ट्रेन सेवाएं कुछ समय के लिए रोक दी गईं। अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों और रेलवे संपत्ति की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया।
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फायर ब्रिगेड की टीम ने संभाला मोर्चा
आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड की 4 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और तुरंत राहत कार्य शुरू किया। दमकल विभाग के मुताबिक, झुग्गियों के घने होने और तंग इलाका होने के कारण आग बुझाने में काफी मुश्किलें आईं। टीमों ने लगातार प्रयास कर आग को आसपास के रिहायशी इलाकों तक फैलने से रोकने की कोशिश की। आग के कारण पूरे इलाके में घना धुआं फैल गया, जिससे विजिबिलिटी काफी कम हो गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि हालात बिगड़ते देख कई परिवारों ने अपने घर खाली कर दिए, जबकि कुछ लोग अपने सामान को बचाने की कोशिश में जुटे रहे। प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे प्रभावित इलाके से दूर रहें।
'घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं'
दमकल विभाग के एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि आग लगने की सूचना दोपहर करीब 1 बजकर 55 मिनट पर मिली थी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग तुरंत सक्रिय हो गया और आग पर काबू पाने के लिए 4 दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। दमकल कर्मियों ने पहुंचते ही राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया और आग को फैलने से रोकने की कोशिश की। अधिकारी के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में यह सामने आया है कि इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है, जो राहत की बात मानी जा रही है।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे ने उठाया कदम
वहीं, रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि जैसे ही आग लगने की सूचना मिली, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तुरंत ‘ओवरहेड इलेक्ट्रिकल ट्रैक्शन’ की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई जिससे कुछ समय के लिए ट्रेन सेवाएं प्रभावित रहीं। बता दें कि ‘ओवरहेड इलेक्ट्रिकल ट्रैक्शन’ वह प्रणाली होती है, जिसके जरिए ट्रेनों को चलाने के लिए ऊपर लगे बिजली के तारों से करंट सप्लाई किया जाता है। ऐसे में किसी भी संभावित खतरे से बचने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियातन यह कदम उठाया गया।